बच्चों को कैसे मोटिवेट करें? जानिए 5 टिप्स

बच्चों को कैसे मोटिवेट करें? जानिए 5 टिप्स

 बच्चों को कैसे मोटिवेट करें? जानिए 5 टिप्स
- आज के समय में हर मां-बाप की शिकायत होती है कि उनका बच्चा काफी बिगड़ गया है। लेकिन मां-बाप बचपन में अपने बच्चों को जैसे शिक्षा देंगे वह आगे बढ़कर वैसा ही काम करेगा। आज के समय में कई मां बाप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते हैं जिसके चलते उनके बच्चों को जीवन भर कठिनाई होती है। यदि आप अपने बच्चों को मोटिवेट करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कुछ ऐसे टिप्स फॉलो करने पड़ेंगे जिन्हें आपका बच्चा सीख सके और उसे अपने जीवन में ला सके। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बच्चों को कैसे मोटिवेट करें?

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कई सारे मां-बाप अनजाने में अपने बच्चों के सामने कोई ऐसी गलती करते रहते हैं जिसे देखकर उनका बच्चा वही बात सीख जाता है। इसके बाद मां-बाप को उसके द्वारा वही किया गया काम बुरा लगता है। अक्सर कई बार हमारा कोई दोस्त या मित्र घर पर आता है और हम उससे मिलना नहीं चाहते हैं तो अपने बच्चे को यह करने के लिए बोल देते हैं कि कह दो कि पापा घर पर नहीं है। ऐसा करने से आप उन्हें झूठ बोलना सिखा देते हैं। इसके बाद वह कदम कदम पर झूठ बोलना शुरू कर देता है और यह बात आपको अच्छी नहीं लगती है। इसीलिए अब हम आप को बच्चों को मोटिवेट करने के 5 टिप्स बताएंगे।

1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सिखाएं

आज के समय में कई मां-बाप ऐसे हैं जो सुबह उठकर जल्दी स्नान नहीं करते हैं और दोपहर में स्नान या अन्य नित्य क्रियाएं करते हैं। यदि आप ऐसा करते हैं तो इसे आपका बच्चा देखता है और वह भी अपने जीवन में इसी का अनुसरण करता है। इसीलिए अपने बच्चों को हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना सिखाए। अर्थात सुबह उठकर सबसे पहले शौचालय जाएं और फिर ब्रश मंजन करके तुरंत नहाएँ।

इतना ही नहीं आप हमेशा अपने बच्चों के सामने यह प्रक्रिया अपनाएंगे और उसे ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने की सलाह देंगे तो वह इसे जीवन भर अपनाता रहेगा और इस तरह से आप अपने बच्चे को मोटिवेट कर सकते हैं और उसे जीवन के कुछ अच्छे विचार सिखा सकते हैं। सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया करने के बाद स्नान करने से आपका शरीर दिनभर तरोताजा रखता है। इस तरह से शरीर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से भी बच जाती है और मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है।

2. गलतियों पर क्षमा मांगना सिखाएं

बचपन में गलतियां करना बच्चों का स्वभाव होता है। इसीलिए आप उन्हें हमेशा गलतियों पर क्षमा मांगना जरूर सिखाएं। अक्सर बच्चे गलती से कॉपी किताब झाडू इत्यादि पर पैर रख देते हैं ऐसे में आप उन्हें पैर छूकर उनसे माफी मांगने की सलाह दे। इसके अलावा यदि वह किसी बड़े या बुजुर्ग के साथ गलत तरह की कोई बात करता है तो भी आप उसे तुरंत समझाएं एवं उनसे माफी मांगने को कहें। यदि आप उनकी गलतियों को नजरअंदाज करके उनकी गलतियों पर हंसते हैं और उन्हें बच्चा समझ कर भूल जाते हैं तो यह उसकी आदत बनती जाएगी और वह उस गलती को बार-बार दोहराता जाएगा।

3. अच्छे संस्कार दें

अपने बच्चों को मोटिवेट करने के लिए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ाने के लिए अच्छे संस्कार देना बहुत ही जरूरी है। अच्छे संस्कार ही आपके बच्चे के जीवन में हर समय उनका साथ देते हैं और उन्हें आगे ले जाने में मदद करते हैं। यदि आप अपने बच्चों को अच्छा संस्कार देते हैं तो इससे वह दूसरों के मन में खुद के लिए इज्जत बना सकते हैं। बहुत सारे लोग अपने बच्चों को यह शिक्षा देते हैं कि औरतें एवं लड़कियां घर में काम करने के लिए बनी हुई है।

इसीलिए वह अक्सर अपनी बहनों या मां से किसी भी घर का काम करने का आदेश दे देते हैं। यदि वे ऐसा करते हैं तो उन्हें तुरंत समझाएं और लैंगिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास करें। इस तरह से वह जीवन भर लड़कियों एवं स्त्रियों की इज्जत करेगा और उन्हें खुद के बराबर समझेगा। यदि वह किसी भी काम को करने के लिए किसी बड़े को आदेश देता है तो इसके लिए भी आप उसे हमेशा समझाएं क्योंकि हमेशा उम्र में छोटे व्यक्ति को किसी बड़े व्यक्ति को आदेश नहीं देना चाहिए।

4. हमेशा सुनने की सलाह दें

आज के समय में कई ऐसे बच्चे हैं जो दूसरों की बात ना सुन कर खुद अपनी ही बात करते रहते हैं। ऐसा करना गलत संस्कार होने का लक्षण होता है। इसीलिए आप उन्हें हमेशा सुनने की सलाह दें और कम बोलने की सलाह दे। कम बोलने वाला व्यक्ति और अधिक सुनने वाला व्यक्ति हमेशा आगे बढ़ता है। आप ऐसी जगह पर बोले जहां पर उचित हो और ऐसे ही बात बोले जिसे सुनकर लोग आपसे सहमत हो सके। अधिक बोलने वाले व्यक्ति को बड़बोला कहा जाता है और उसके बाद पर कोई ध्यान नहीं देता है।

5. प्रकृति से प्रेम करना एवं आध्यात्मिक होने की सलाह दें

आज के समय में अक्सर मां बाप अपने बच्चों को प्रकृति से प्रेम करना और अध्यात्म से जुड़ने की शिक्षा नहीं दे पाते हैं। यही कारण है कि आजकल के बच्चों का धर्म से नाता टूटते जा रहा है। इसीलिए अपने बच्चों को हमेशा प्रकृति से प्रेम करना सिखाए और उन्हें अध्यात्म से जुड़ने की सलाह दें। इसके लिए आप उन्हें पूजा पाठ करना एवं योग करने की शिक्षा दें। यदि आपके बच्चे के मन में प्रकृति के लिए प्रेम और अध्यात्म से जुड़ाव रहेगा तो वह आगे चलकर सफल बन सकेगा।




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