जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें

जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें (Junior Civil Engineer Kaise Bane) :-

जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें

सिविल इंजीनियरिंग क्या है(Civil Engineering Kya hai):-

किसी योजना की प्लानिंग,डिजाइन,बिल्डिंग एस्टीमेट,रोड एस्टीमेट एवं रचनात्मक कार्यों से लेकर रिसर्च और समाधान तैयार करना ही सिविल इंजीनियरिंग हैं

सिविल इंजीनियरिंग पुराने इंजीनियरिंग विषयो में से एक है सिविल इंजीनियरिंग समाज के बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है एक सिविल इंजीनियर सुरक्षित निर्माण,संचालन और रख रखाव सुनिश्चित करते हैं जैसे सड़क,पुल,इमारत और बाँध आदि महत्वपूर्ण कार्य के कारण सिविल इंजीनियर में विशेष शैक्षिक और कौशल की आवश्यकता होती है 

सिविल इंजीनियर के क्षेत्र में कैरियर विकल्प के साथ ही सिविल इंजीनियरिंग क्या है जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें सिविल इंजीनियर का क्या काम होता है सिविल इंजीनियरिंग के फायदे और नुकसान, सिविल इंजीनियरिंग की सैलरी कितनी होती है इनमें कौन कौन से कोर्स है ये सब जानकारी इस पोस्ट में दी जा रही हैं

सिविल इंजीनियरिंग की शैक्षिक योग्यता (Civil Engineering Educational Qualification) 

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जूनियर सिविल इंजीनियर(Junior Civil Engineer):-

जूनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको डिप्लोमा कोर्स करना पड़ता है जिसे क्लास 10th फिजिक्स,केमिस्ट्री और मैथ जैसे विषय से पास होना अनिवार्य होता है यह कोर्स 3 वर्ष का होता है

पॉलीटेक्निक कोर्स(अवधि 3 वर्ष)

डिप्लोमा कोर्स में आप पॉलिटेक्निक में एंट्रेंस एग्जाम देकर  दाखिला ले सकते हैं एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बाद आप को काउंसलिंग के आधार पर कॉलेज मिलता है जितने अच्छे रैंक होंगे उतना ही बेस्ट कॉलेज आपको मिलेगा । यह कोर्स 3 साल का होता है जिससे आप एक अच्छे जूनियर सिविल इंजीनियर बन सकते हैं

इसे टेक्निकल कोर्स के नाम से भी जाना जाता है पॉलिटेक्निक से संबंधित टेक्निकल कोर्स ऑल इंडिया  काउंसिल आफ टेक्निकल एजुकेशन(AIECTE) द्वारा संचालित होते हैं वैसे पॉलिटेक्निक संस्थान कई तरह के होते हैं राज्य स्तर पर सरकारी,निजी और महिला पॉलिटेक्निक संस्थान सक्रिय हैं यहां से आप डिप्लोमा कोर्स लेकर जूनियर इंजीनियर बन सकते हैं

सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश

पॉलिटेक्निक कोर्स के द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए अगर आपने आईटीआई(ITI) पास किया है तो संबंधित ट्रेड में द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं
या
12th में फिजिक्स,केमिस्ट्री और मैथ विषय से पास होने पर इस कोर्स में सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला ले सकते है

सीनियर सिविल इंजीनियर(Senior Civil Engineer):-

सीनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए उम्मीदवार को 12th में फिजिक्स,केमिस्ट्री और मैथ जैसे विषयों में पास होने के पश्चात सिविल इंजीनियर फील्ड में B.E या बीटेक कोर्स करना अनिवार्य होता है यह कोर्स 4 वर्ष का होता है

सिविल इंजीनियरिंग के कोर्स इस प्रकार हैं :-

1- Diploma in civil Engineering 
2- B.Tech in civil Engineering 
3- B.E in civil Engineering 
4- M.E in civil Engineering 
5- Ph.D in civil Engineering 
6-Certificate course in building design 
7-infrastructure project management 
8- Post graduate in civil engineering 
9- Graduates in civil engineering

सिविल इंजीनियरिंग में रोजगार के अवसर :-

जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें

सिविल इंजीनियरिंग के लिए सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी दोनों के फील्ड में बेहतर जॉब के अवसर होते हैं 

प्राइवेट क्षेत्र में

शहरों में अक्सर आप देखते होंगे कि बड़े-बड़े प्रोजेक्ट को बनाने का काम बिल्डर्स और ठेकेदारों को दिया जाता है अगर आप अपने काम में एक्सपर्ट हैं और आप अपने Tallant के अनुसार काम में माहिर हैं तो उसके आधार पर आप को इन प्रोजेक्ट में काम मिल सकता है इसके अलावा ठेकेदारों से मिलकर आप अनेक तरह के काम कर सकते हैं  
बहुत सी कंस्ट्रक्शन कंपनियां  Site Engineer के पद पर नौकरी देती है जहाँ पर आप अच्छी सैलरी पा सकते है

गवर्नमेंट क्षेत्र में 

गवर्नमेंट सेक्टर में सिविल इंजीनियर को अवर अभियंता, sub Division ऑफिसर या असिस्टेंट इंजीनियर की पोस्ट में रखा जाता है जो भविष्य में आगे चीफ इंजीनियर बन सकते हैं एक सिविल इंजीनियर स्टेट और सेंट्रल गवर्नमेंट के पब्लिक वर्क्स,विभाग और मिलिट्री के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट एवं रेलवे में रोजगार प्राप्त कर सकता है

गवर्नमेंट क्षेत्र में SSC के जरिए JE Civil की भर्तियां जिन विभागों में की जाती है उनके नाम इस प्रकार हैं 

सेंट्रल वॉटर कमिशन(CWC)
सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट(CPWD)
सेंट्रल वॉटर पावर रिसर्च स्टेशन(CWPRS)
मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस(MES)
फरक्का बैराज प्रोजेक्ट
नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(NTRO)

सिविल इंजीनियरिंग के कार्य(Civil Engineering Works):-

जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बनें

1-किसी खाली प्लाट में घर कितने बड़े एरिया में बनेगा उसका डिजाइन कैसा होगा कितने कमरे होंगे बाथरूम,किचन और हाल कहां पर होगा यह सभी डिजाइन सिविल इंजीनियर करता है और जरूरत वाली मटेरियल जैसे सीमेंट,बालू,सरिया यह सभी सिविल इंजीनियर के माध्यम से ही एस्टीमेट किया जाता है

2-लंबी अवधि वाले परियोजना,नक्शे,सर्वे रिपोर्ट और दूसरे डाटा को Analysis करना ताकि प्रोजेक्ट को अच्छे से प्लान और डिजाइन की जा सके ।

3-प्रोजेक्ट के प्लानिंग और Risk Analysis Stage के दौरान निर्माण लागत, सरकारी नियमों का पालन,पर्यावरण को होने वाले नुकसानो पर विचार करना सिविल इंजीनियर का काम होता है

4-प्रोजेक्ट की पूरी तैयारी हो जाने के बाद लोकल,स्टेट और सुरक्षा विभाग को Permit एप्लीकेशन को जमा करना ताकि वेरिफिकेशन हो जाए जो काम चल रहा है वह सरकारी नियमों का पालन करते हुए चल रहा है

5-बुनियाद(Foundation) मजबूत है या नहीं उसके लिए मिट्टी पर किए गए टेस्ट देखने और अच्छे से अवलोकन करना

6-प्रोजेक्ट की आर्थिक बजट का अनुमान लगाने के लिए Material Equipment और लेबर पर होने वाले खर्च का Estimate Cost रिपोर्ट तैयार करना

7-गवर्नमेंट स्टैंडर्ड और इंडस्ट्री के अनुसार जरूरत वाली Transportation System, Structure और Hydraulic System के इस्तेमाल का प्लान,डिजाइन सॉफ्टवेयर पर तैयार करना

8-Construction के काम में रेफरेंस प्वाइंट,साइट लेआउट, बिल्डिंग लोकेशन को स्थापित करने के लिए सर्वे को पूरा करना और देखना

9-Public और Private infrastructure के Maintenance,रिपेयर और रिप्लेसमेंट को मैनेज करना

सिविल इंजीनियरिंग के फायदे(Advantages of Civil Engineering) :-

1-सिविल इंजीनियर बनकर आप सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के जॉब कर सकते हैं इसके अलावा आप चाहे तो  आप खुद की कंसल्टेंसी खोल सकते हैं जहां से आप के संपर्क में अनेक बिल्डर और ठेकेदार आएंगे जिनके साथ Independently काम कर सकते हैं साथ ही अपने साथ और कुछ लोगों को भी काम दे सकते हैं

2-अगर आप अपनी रुचि से सिविल इंजीनियर बनते हैं तो आपको अपने द्वारा बनाए गए घरों,पुलों,डैम,फ्लाई ओवर, इमारत,स्कूल और कालेज के बिल्डिंग को देखकर आपको गर्व महसूस होता है और आपका नाम होता है

3-एक इंजीनियर होने के नाते आपको नए-नए लोगों से मिलने का मौका मिलता है और साथ ही नई जगहों पर काम करने का भी मौका मिलता है इससे आपका सर्किल बढ़ता है

4-कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले लोग ज्यादा होते हैं और इंजीनियर बहुत कम होते हैं जिससे की सभी इंजीनियर को लोगों द्वारा उनके ज्ञान और पद के अनुसार इज्जत दी जाती हैं

5-इसमें Reasearch के मौके,नए मटेरियल का प्रयोग और नए  टेक्नोलॉजी हमेशा अपडेट होते रहते हैं इससे काम करने में काफी मजा आता है

6-Creativity का ढेर सारा मौका इसमें मिलता है अगर आप एक Creative Mind रखे हैं तो आप अपने सुझाव से अच्छा खासा नाम कमा सकते हैं

7-इसमें जैसे-जैसे आप अनुभवी होते जाते हैं तो जॉब में आपकी सैलरी बढ़ती जाती है और अगर आप indepently काम करते हैं तो इसमें रिटायरमेंट का कोई अनिवार्यता नहीं है

सिविल इंजीनियरिंग के नुकसान(Disadvantages of Civil Engineering):-

1-सिविल इंजीनियर होने के वजह से आपको अधिकतर समय आउटडोर काम करना पड़ता है कभी-कभी कड़ी धूप में भी काम करना पड़ता है शहर से दूर सूनसान क्षेत्र में जाकर अपने प्रोजेक्ट से जुड़े काम को करना होता है

2-जॉब के शुरुआती दौर में काम मिलना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि हर किसी को अनुभवी बंदे चाहिए होते हैं कोई भी नहीं चाहता कि नए नवेले को लेकर काम सिखाया जाए 

3-आपने अक्सर देखा और सुना होगा कि नया बना हुआ पुल टूट गया या जो नई सड़क बनी थी उसमें पुल टूट गया या जो नई सड़क बनी थी उसमें जल्दी गड्ढे पड़ गए ऐसे में काम करने वाले इंजीनियर को दोष दिया जाता है

सिविल इंजीनियर की सैलरी(Civil Engineer Salary):-

सरकारी क्षेत्र में

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा भर्ती होने वाले जूनियर इंजीनियर का ग्रेड पे 4200 पे होता है जबकि पे बैंड ₹35400 से लेकर ₹112400 तक होता है

प्राइवेट क्षेत्र में

जूनियर इंजीनियर प्रोफेशनल्स की शुरुआती सैलरी 15 से ₹20000 के बीच होती है अगर आपने कोर्स के दौरान बेहतरीन परफॉर्मेंस किया है तो कैंपस इंटरव्यू में ही आपको नौकरी में अच्छे ऑफर मिल सकते हैं इस क्षेत्र में शुरुआती income कम होती है जैसे जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा आपकी सैलरी भी बढ़ेगी

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