अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी ! Akbar Birbal Stories Hindi

अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी ! Akbar Birbal Stories Hindi

अकबर बादशाह के परिषद के 9 सलाहकारों (नवरत्नों) में से एक थे बीरबल,इनके बचपन का नाम महेश दास था बीरबल बचपन से ही तीव्र बुद्धि के थे उनकी बुद्धिमानी के हजारों किस्से हैं इस पोस्ट में अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी दी जा रही है ऐसा कहा जाता है कि अकबर की राज्यसभा में बीरबल की सफलता पर अन्य दरबारी उनसे ईर्ष्या किया करते थे इसलिए वे उनके पतन की योजना भी बनाया करते थे ।
अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी ! Akbar Birbal Stories Hindi
Akbar Birbal Story Hindi

अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी ! Akbar Birbal Stories Hindi

1-बीरबल का रंग-रूप

एक बार अकबर बादशाह ने अपने प्रिय दरबारी बीरबल से पूछा-तुम इतने काले रंग के कैसे हो गए ? बादशाह की बात में कुछ चिढ़ाने वाला पुट भरा था बीरबल ने कहा-जहांपनाह, जब अल्लाह ताला के यहां खैरात बांटी जा रही थी तो उन्होंने सब खैरात प्राणियों के सामने रख दी । 

सब लोगों ने अपनी इच्छा एवं आवश्यकता के अनुसार उनमें से वस्तुये चुन ली,जहांपनाह मैं बुद्धि और विद्या ही लेता रह गया । रूप रंग की तरफ ध्यान ही नहीं गया । इसके विपरीत आप मात्र रूप रंग ही लेते रह गए । आपका ध्यान बुद्धि एवं विद्या की तरफ गया ही नहीं ।

इस प्रकार बीरबल ने यह सिद्ध किया कि वह बुद्धिमान है किंतु बदसूरत है इसके विपरीत बादशाह खूबसूरत किंतु बेवकूफ है ।

2-मूर्खों से मिली बुद्धि

सम्राट अकबर कभी जरूरत से तो कभी मनोरंजन के लिए बीरबल से कठिन प्रश्न करता ।
एक दिन बादशाह ने पूछा-तुम्हें तीक्ष्ण बुद्धि कहां से मिली ?
बीरबल ने कहा - जहांपनाह, यह मुझे मूर्खो से मिली है
प्रश्न जितना सरल उत्तर उतना ही ज्यादा उलझन और चक्कर में डालने वाला हैरान करने वाला, मूर्ख के पास तो बुद्धि होती ही नहीं,बुद्धि होती तो मूर्ख क्यों कहलाते और जो चीज जिसके पास में नहीं है उसे वे कैसे दूसरों को दे सकते हैं ? 

अतः अकबर से रहा नहीं गया बादशाह अकबर ने पूछा-मूर्खों से
बीरबल ने कहा - हां मूर्खो से जिस आचरण और व्यवहार के कारण आदमी मूर्ख कहलाता है मैं उनसे बचता रहा । इससे मेरा बुद्धिमान बनने का रास्ता साफ होता गया

3-मोम का शेर

एक बार ईरान के राजा ने पिंजरे में एक शेर भेजा और कहा कि अगर इसे कोई बिना पिंजरा खोले बाहर निकाल देगा तो मान जाएगा कि आपके दरबार मेंनवरत्नों की होड संसार में नहीं हो सकती ।
अकबर ने सभी दरबारियों से शेर को बिना पिंजरा खोले बाहर निकालने को कहा पर सभी असफल रहे । 

अंत में बीरबल को बुलाया गया । बीरबल ने एक गर्म सलाख लिया और उससे शेर को दागने लगा कुछ ही देर में मोम का शेर पिघल गया ,अकबर बीरबल की बुद्धिमता देखकर बहुत खुश हुआ । बीरबल के कारण ईरान के राजा के सामने अकबर की इज्जत रह गई ।

 4-वह कौन है जो बेफिक्र और चिंतामुक्त है

हर बार की तरह इस बार भी बादशाह अकबर ने अपने दरबार के दरबारियों से पूछा कि संसार में बेफिक्र और चिंतामुक्त कौन है जो पूर्णतया चिंता से मुक्त हो जिसे किसी बात की कोई चिंता नहीं होती है यह सर हिलाने वाला प्रश्न सुनकर सभी दरबारी चुप हो गए क्योंकि इस बात का किसी के पास कोई जवाब नहीं था 

तब अकबर ने सवाल का उत्तर बीरबल से पूछा तो बीरबल ने तुरंत जवाब देते हुए कहा-जहांपनाह एक 5 साल का बच्चा बेफिक्र और चिंतामुक्त होता है उसे किसी भी प्रकार की कोई चिंता या भय नहीं होती है यह जवाब सुनकर सभी बीरबल के चतुर दिमाग की वाहवाही करने लगे और बादशाह अकबर भी खुश हो गए

5-सबसे तेज कौन दौड़ता है

अकबर ने दरबार में सवाल उठाया, 'सबसे तेज कौन चलता है ?' किसी ने चाँद तो किसी ने सूरज को सबसे तेज चलने वाला बताया फिर बीरबल से पूछा गया, 'महाराज, महाजन का सूद सबसे तेज दौड़ता है, दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से यह बढ़ता ही जाता है इससे तेज कोई नहीं दौड़ सकता । बीरबल का जवाब सुनकर अकबर खुश हुए ।

6-तीन रुपये तीन सवाल

एक दिन अकबर बादशाह के दरबारियों ने बादशाह से शिकायत की - हुजूर आप सब प्रकार के कार्य बीरबल को ही सौंप देते हैं क्या हम कुछ भी नहीं कर सकते ? बादशाह ने कहा - ठीक है मैं अभी इसका फैसला कर देता हूँ ।

उन्होंने एक दरबारी को बुलाया और उससे कहा - मैं तुम्हें तीन रुपये देता हूँ इनकी तीन चीजें लाओ । हर एक की कीमत एक रूपया होनी चाहिए । पहली चीज यहां की होनी चाहिए दूसरी चीज वहां की होनी चाहिए तीसरी चीज ना यहां की हो,ना वहां की हो ।

दरबारी तुरंत बाजार गया दुकानदार के पास जाकर उसने उससे यह तीनों चीजें मांगी । दुकानदार उसकी बात सुनकर हंसने लगा और बोला यह चीजें कहीं भी नहीं मिल सकती ।

उन तीन चीजों को दरबारी ने अनेक दुकानों पर खोजा लेकिन जब उसे तीनों चीज कहीं भी नहीं मिली तो निराश होकर दरबार में लौट आया उसने बादशाह अकबर को आकर बताया - ये तीनों चीजें किसी भी कीमत पर, कही भी नहीं मिल सकती अगर बीरबल ला सके तो जानेंगे ।

अकबर बादशाह ने बीरबल को बुलाया और कहा - जाओ यह तीनों चीजें लेकर आओ ।
बीरबल ने कहा - 'हुजूर' कल तक ये चीजें अवश्य आपकी सेवा में हाजिर कर दूंगा ।
अगले दिन जैसे ही बीरबल दरबार में आए तो बादशाह अकबर ने पहले दिन वाली बात को याद दिलाते हुए पूछा - क्यों,क्या हमारी चीजें ले आए ?
बीरबल ने फौरन कहा - 'जी हां' मैंने पहला रुपया एक फकीर को दे दिया जो वहां से भगवान के पास जा पहुंचा । दूसरा रुपया मैंने मिठाई में खर्च किया जो यहां काम आ गया और तीसरे रुपए का मैंने जुआ खेल लिया जो कि ना यहाँ काम आएगा, ना वहाँ अर्थात परलोक में ।
उनकी बात सुनकर सभी चकित रह गए और अकबर ने बीरबल को बहुत सा ईनाम दिया ।

7-बिना कांटे ही छोटा करना

एक दिन अकबर और बीरबल बाग में सैर कर रहे थे बीरबल लतीफा सुना रहा था और अकबर उसका मजा ले रहे थे । तभी अकबर को नीचे घास पर पड़ा बांस का एक टुकड़ा दिखाई दिया उन्हें बीरबल की परीक्षा लेने की सूझी ।

बीरबल को बांस का टुकड़ा दिखाते हुए वह बोले, 'क्या तुम इस बांस के टुकड़े को बिना काटे छोटा कर सकते हो ?
बीरबल लतीफा सुनाता-सुनाता रुक गया और अकबर की आंखों में झांका ।
अकबर कुटिलता से मुस्कुराए,बीरबल समझ गया कि बादशाह सलामत उससे मजाक करने के मूड में हैं
अब जैसा बेसिर-पैर का सवाल था तो जवाब भी कुछ वैसा ही होना चाहिए था ।

बीरबल ने इधर-उधर देखा,एक माली हाथ में लंबा बांस लेकर जा रहा था ।
उसके पास जाकर बीरबल ने वह बांस अपने दाएं हाथ में ले लिया और बादशाह का दिया छोटा बांस का टुकड़ा बाएं हाथ में ।

बीरबल बोला, 'हुजूर' अब देखें इस टुकड़े को, हो गया ना बिना कांटे ही छोटा
बड़े बांस के सामने वह टुकड़ा छोटा तो दिखना ही था निरुत्तर बादशाह अकबर मुस्कुरा उठे बीरबल की चतुराई देखकर ।

8-बीरबल की खिचड़ी

एक दिन बादशाह अकबर ने घोषणा की जो आदमी सर्दी के इस मौसम में नदी के ठंडे पानी में रात भर खड़ा रहेगा,उसे शाही खजाने से पुरस्कृत किया जाएगा
इस घोषणा को सुनकर एक गरीब धोबी ने सारी रात नदी में खड़े-खड़े बिता दी और अगले दिन बादशाह के दरबार में जाकर ईनाम मांगने लगा ।

बादशाह ने उस धोबी से सवाल किया,क्या तुम बता सकते हो कि किस शक्ति के सहारे तुम रात भर नदी में खड़े रहे ।

धोबी ने अदब के साथ जवाब दिया,आलमपनाह, मैं कल सारी रात महल की छत पर जलते हुए चिराग को देखता रहा उसी की शक्ति से मैं सारी रात नदी में खड़ा रह सका ।

बादशाह ने उसका जवाब सुनकर कहा, इसका मतलब तो यह हुआ कि महल की रोशनी की आंच की गर्मी के कारण तुम सारी रात पानी में खड़े रह सके इसलिए तुम ईनाम के सच्चे हकदार नहीं हो सकते ।

धोबी उदास हो गया और बीरबल के पास जाकर निराशा भरे स्वर में बोला,दरबार में बादशाह ने ईनाम देने से इनकार कर दिया है धोबी ने इसका कारण भी बीरबल को बता दिया ।

बीरबल ने गरीब धोबी को सांत्वना देकर घर भेज दिया । बादशाह ने अगले दिन बीरबल को दरबार में ना पाकर एक खादिम को उन्हें बुलाने के लिए भेजा । खादिम ने उन्हें आकर सूचना दी,बीरबल ने कहा है कि जब उनकी खिचड़ी पूरी पक जाएगी तभी वह दरबार में आ सकेंगे ।

बादशाह को यह सुनकर बड़ा अचरज हुआ वह अपने दरबारियों के साथ बीरबल के घर पहुंचे । वहां उन्होंने देखा कि दो लंबे बांसो के ऊपर एक हंडिया में चावल रखकर उसे लटकाया गया है और नीचे जमीन पर आग जल रही है

बादशाह ने तत्काल पूछा,बीरबल यह क्या तमाशा है ? क्या इतनी दूरी पर रखी हंडिया में खिचड़ी पक जाएगी । हुजूर जरूर पक जाएगी बीरबल ने उत्तर दिया ।
कैसे ? बादशाह अकबर ने पूछा ? जहांपनाह बिल्कुल वैसे ही जैसे महल के ऊपर जल रहे दिये कि गर्मी के कारण धोबी सारी रात नदी के पानी में खड़ा रहा । बीरबल ने कहा ।
बादशाह अकबर बीरबल का तर्कसंगत उत्तर सुनकर लज्जित हो गए और उन्होंने तुरंत धोबी को ढूढ़ लाने और पुरस्कृत करने का आदेश जारी कर दिया ।

9-अंधों की संख्या

एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा-बीरबल जरा बताओ तो इस दुनिया में किसकी संख्या अधिक है जो देख सकते हैं या जो अन्धे हैं ?
बीरबल बोले,इस समय तुरंत तो आपके इस सवाल का जवाब देना मेरे लिए संभव नहीं है लेकिन मेरा विश्वास है कि अंधों की संख्या अधिक होगी बजाए देख सकने वालों की ।
बादशाह ने कहा -तुम्हें अपनी बात सिद्ध करके दिखानी होगी,बीरबल ने भी खुशी-खुशी बादशाह की चुनौती स्वीकार कर ली ।

अगले दिन बीरबल बीच बाजार में एक बिना बुनी हुई चारपाई लेकर बैठ गए और उसे बुनना शुरू कर दिया, उसके अगल-बगल दो आदमी कागज कलम लेकर बैठे हुए थे
थोड़ी ही देर में वहां भीड़ इकठ्ठा हो गई, यह देखने के लिए कि यहां क्या हो रहा है

वहां मौजूद हर व्यक्ति ने बीरबल से एक ही सवाल पूछा- बीरबल तुम क्या कर रहे हो ? बीरबल के अगल-बगल बैठे दोनों आदमी ऐसा सवाल करने वालों का नाम पूछ-पूछ कर लिखते जा रहे थे जब बादशाह के कानों तक यह बात पहुँची कि बीच बाजार बीरबल चारपाई बुन रहे हैं तो वो भी वहां जा पहुंचे और वही सवाल किया - यह तुम क्या कर रहे हो ? कोई जवाब दिए बिना बीरबल ने अपने बगल में बैठे एक आदमी से बादशाह अकबर का भी नाम लिख लेने को कहा तभी बादशाह ने आदमी के हाथ में थमा कागज का पुलिंदा ले लिया उस पर लिखा था 'अंधे लोगों की सूची' बादशाह ने बीरबल से पूछा इसमें मेरा नाम क्यों लिखा है ?

बीरबल ने कहा जहांपनाह,आपने देखा भी कि मैं चारपाई बुन रहा हूं फिर भी आप ने सवाल पूछा कि मैं क्या कर रहा हूं
बादशाह ने देखा उन लोगो की सूची में एक भी ऐसा नाम नहीं था जो देख सकते थे लेकिन अंधे लोगों की सूची का पुलिंदा बेहद भारी था ,
बीरबल ने कहा -हुजूर,अब तो आप मेरी बात से सहमत हो गए होंगे कि दुनिया में अंधों की तादाद ज्यादा है बीरबल की चतुराई पर बादशाह मंद-मंद मुस्कुरा दिए ।

10-अपना वादा भूल गया

अकबर बीरबल की हाजिर जवाबी के बड़े कायल थे एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्ति नहीं हुई ।
बीरबल बड़ी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलाएं तो कैसे ? एक दिन महाराजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले ।

बीरबल उनके साथ था अकबर ने वहा एक ऊँट को घूमते देखा । अकबर ने बीरबल से पूछा -बीरबल बताओ ऊँट की गर्दन मुड़ी क्यों होती है ? बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है उन्होंने जवाब दिया, महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड़ गई है महाराज कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड़ देता है यह एक तरह का सजा है तभी अकबर को ध्यान आता है कि वह भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गए हैं 

उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिए कहा और महल में पहुंचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशि उसे सौंप दी और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुड़ेगी बीरबल । और यहकर अकबर अपनी हंसी नहीं रोक पाए ।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना मांगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया

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दोस्तों ! मुझे आशा है कि हिंदी में दी गई "अकबर बीरबल की बेहतरीन 10 प्रेरणादायक कहानी" आपको पसन्द आये होंगें फिर भी आपके मन में कोई सवाल है तो Comment करके जरूर बताइए मैं उसका जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा कृपया इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ share अवश्य करें

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